ग्रामीणों के बजाय जेसीबी से तालाब की खुदाई
मामला कोरर परिक्षेत्र, कैम्पा मद
9 अप्रैल 2020
राजेश रंगारी
भानुप्रतापपुर। वन परिक्षेत्र अधिकारी कोरर के द्वारा नियम कायदे को ताक में रखते हुए ग्रामीण के निजी भूमि पर तालाब खुदाई एवं तालाब की खुदाई कार्य ग्रामीणों से न कराते हुए जेसीबी मशीन से करवाये जाने की बात सामने आ रही है।
वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेश गोटा ने बताया कि रेंजर साहब के द्वारा मुंगवाल के जंगल में कैम्पा मद योजना से चार-चार लाख की लागत से कुल चार तालाब बनाये जाने की बात कही गई जिनमे दो तालाब जेसीबी मशीन से बनाये गए है। पहली तालाब में कुल 20 घंटे जेसीबी मशीन से खुदाई किया गया उसके बाद पिचिंग कार्य के लिये तीन से चार दिन ग्रामीणों से काम लिया गया। वही दूसरे तालाब में भी जेसीबी मशीन से खुदाई किया गया है। यह तालाब वन भूमि में
में न होकर ग्रामीण के निजी भूमि में खुदाई किया गया है।
विदित हो कि केन्द्र व राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को लाभान्वित करना है। इसी उद्देश्य से ही वन विभाग का कैम्पा मद योजना है इसके तहत वन्यप्राणियों को सहजता से पानी मिल सके इसके लिए जंगलों में तालाब खुदाई करवाये जाते है ताकि जंगली जानवरों को पानी के साथ ही आस पास क्षेत्र के ग्रामीणों को तालाब खुदाई में रोजगार मिल सके।
गौरतलब हो कि वर्तमान में कोरर परिक्षेत्र अधिकारी के द्वारा भानबेड़ा उपपरिक्षेत्र के मुंगवाल के जंगल मे तालाब खुदाई करवाये जा रहे है। तालाब की खुदाई ग्रामीणों द्वारा किया जाना था लेकिन कठोर मिट्टी होने की बात करते हुए जेसीबी मशीन से खुदाई करवाये गए वही दूसरा तालाब खुदाई ग्रामीण के निजी भूमि में कर दिया गया है। वही मात्र तालाब की फिनिसिंग ग्रामीणों द्वारा कराया गया।
कांकेर वन मंडल के कोरर
परिक्षेत्र हमेशा सुर्खियों में रह है चाहे वह भ्र्ष्टाचार की हो या फिर वनों की अवैध कटाई का रहे। यह
क्षेत्र का अधिकांश एरिया संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आते है जिसका भरपूर फायदा विभाग के अधिकारी के द्वारा उठाया जाता है।
No comments:
Post a Comment