समय व प्लानिंग के अभाव से लाखो की मुनगा योजना फैल
मामला पूर्व वन मंडल भानुप्रतापपुर का
भानुप्रतापपुर। सफेद मुर्गा छोड़ो मुनगा खाओ स्वस्थ्य रहो कुपोषण भगाओ के नारे के साथ ही गत वर्ष पूर्व वन मंडल भानुप्रतापपुर के द्वारा लाखो रुपये खर्च कर होम हर्बल योजना के तहत एक लाख से अधिक औषधियुक्त मुनगा पौधा तैयार करते हुए क्षेत्र के लोगो को पौधा वितरण किया गया था। लेकिन सही समय एवं प्लानिंग नही होने के चलते यह योजना सफल होने से पहले ही धराशायी हो गया है। अधिकारियों के ऐसे निर्णय के चलते शासन की लाखो रुपये बेफजूल खर्च होते होंगे।
विदित हो कि क्षेत्र में बढ़ते कुपोषण की दर को कम करने हेतु वनमंडलाधिकारी पूर्व वन मंडल भानुप्रतापपुर के द्वारा एक अभियान चलाते हुए लघु फिल्म, एवं संगगोष्ठी सभा के माध्यम से लोगो को पेड़-पौधों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाया गया। योजना के तहत वन विभाग के कराठी डिपो में रायपुर के एक निजी फर्म के द्वारा हजारों की तादात में औषधियुक्त मुनगा पौधा तैयार किया गया। इन पौधों को विभाग के कर्मचारियों के द्वारा गांव-गांव, घर-घर, हाट बाज़ारो में, डिवीजन एवं भानुप्रतापपुर, दुर्गुकोंदल, अंतागढ़ एवं आमाबेड़ा वन परिक्षेत्र कार्यालय में हजारो के तादात में लोगो को पौधा वितरण किया गया। लेकिन सही समय एवं योजना नही होने के कारण वर्तमान में 10 प्रतिशत मुनगा पेड़ भी जीवित नही है।
वन विभाग के द्वारा प्रति वर्ष बारिश के दिनों में पौधा रोपण का कार्य किया जाता है। अब देखने वाली बात होगी कि पिछले वर्ष मुनगा योजना थीं क्या बार दूसरे प्रजाति के पौधे लगाये जाएंगे या फिर विभाग पुनः मुनगा योजना को दोहराएगी।
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